-
220
छात्र -
164
छात्राएं -
10
कर्मचारीशैक्षिक: 10
गैर-शैक्षिक: 0
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय उडुमलपेट, उडुमलपेट क्षेत्र के केंद्र में स्थित है। यह विद्यालय रेलवे स्टेशन और बस स्टैन्ड के बहुत करीब है। विद्यालय अभी एक अस्थायी भवन में कार्यरत है जिसमें अभी कक्षा 1 से 10 तक की...
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
के. वि. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता ....
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
डॉ. आर. सेंथिल कुमार, उपायुक्त
उपायुक्त, के.वी.एस. क्षेत्रीय कार्यालय चेन्नई
संदेश आप सभी को नमस्कार! प्रौद्योगिकी, पहले से अब अधिक तेज़ी से हमारे दैनिक जीवन की हर गतिविधियों को नए रूप में परिभाषित कर रही है। ये परिवर्तन अत्यंत तीव्र गति से हो रहे हैं और इन्हें विघटनकारी प्रौद्योगिकियाँ (Disruptive Technologies) कहा जाता है जोकि समुचित है। शिक्षा का क्षेत्र भी इसका अपवाद नहीं है। आज के परिवेश में डिजिटल जगत व्याख्यानों, स्पष्टीकरणों, संसाधनों के रूप में कार्य करने वाले कृत्रिम बुद्धिमता उपकरणों से भरी पड़ी है जो परामर्शदाताओं की तरह काम करते हैं। । एक विद्यार्थी निबंध लिखकर ‘चैट जीपीटी’ से उस पर निष्पक्ष प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकता है। करियर से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक, विद्यार्थी अपने मोबाइल के माध्यम से अपनी समस्याओं के समाधान खोज सकते हैं। प्रौद्योगिकी का ज्ञान रखने वाला शिक्षक या विद्यार्थी, उससे अनभिज्ञ की तुलना में अधिक सक्षम होता है। किसी व्याख्यान को सुनने के लिए अब विद्यार्थी को विद्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। परंतु ऐसे सहयोगात्मक परियोजना, जो टीम भावना, संचार कौशल तथा आलोचनात्मक चिंतन कौशल सिखाते हैं, घर पर संभव नहीं हैं। इसके अतिरिक्त, विद्यालय विद्यार्थियों को सामाजिकता, मूल्यबोध और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने का भी प्रशिक्षण देते हैं। यद्यपि डिजिटल शिक्षण के अनेक लाभ हैं, फिर भी एक बड़ी समस्या एकाग्रता की है। विद्यार्थी अनेक वीडियो देखते हैं, परंतु गहन अध्ययन के धरोहर तक पहुँच नहीं पाते। इसलिए हमें वर्तमान स्थिति को समझते हुए विद्यालय और घर — दोनों स्थानों पर एकाग्रता के साथ अध्ययन करना आवश्यक है। विद्यार्थियों को व्याख्यान सुनते समय नोट्स अवश्य बनानी चाहिए। केवल तेज़ गति से वीडियो देखने के बजाय सभी विषयों का गहन अभ्यास करना चाहिए। शिक्षकों द्वारा संचालित कक्षाओं का पूरा लाभ उठाते हुए पाठ्यपुस्तकों का गहन अध्ययन कर अपनी अवधारणाओं को मजबूत बनाना चाहिए । इसे और सुदृढ़ करने के लिए सक्षमता आधारित प्रश्नों (CB) का ऑनलाइन अभ्यास भी किया जा सकता है। विद्यार्थियों की क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केन्द्रीय विद्यालय संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय चेन्नै ने ‘आरोहण (AAROHAN)’ नामक एक पोर्टल तैयार किया है। इसमें कक्षा 3 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। यह विद्यार्थियों को सक्षमता आधारित मूल्यांकन (Competency Based Assessment) में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु अभ्यास के अवसर प्रदान करने का एक उत्तम माध्यम है। मौजूदा अनेक विकल्पों के बीच, एक और नया ऐप – ‘आरोहण’ – को हमने प्रारंभ किया ,फिर भी विद्यार्थियों से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है । मैं आप सभी से अपील करता हूँ कि इस मंच का सदुपयोग करते हुए अपनी आलोचनात्मक तथा सृजनात्मक सोचने की क्षमताओं को और अधिक निखारें | उपलब्ध समय का सदुपयोग करते हुए ज्ञान और कौशल अर्जित करें। अपने सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आपको बेहतर तैयारी करने की आवश्यकता है। जैसे कहा गया है — “हजार मील की यात्रा भी एक कदम से शुरू होती है।” आइए, अभी से अपनी सीखने की यात्रा आरंभ करें और अगले आधे घंटे तक सीखने में लगें ! शुभकामनाओं सहित, डॉ. आर सेंथिल कुमार, उपायुक्त
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श्रीमती एन वलर्मती
प्राचार्या
परिवर्तन के विजेता… “”सर्वोच्च शिक्षा वह है जो हमें केवल जानकारी ही नहीं देती, बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सामंजस्य में लाती है” – रवींद्रनाथ टैगोर। शिक्षा का उद्देश्य स्वयं और प्रकृति के बारे में समझ और जागरूकता प्रदान करना है। प्रकृति सर्वव्यापी है और हम इसकी विकास प्रक्रिया में हर जगह हर चीज में लगातार बदलाव देखते हैं। वर्तमान में, मानव जाति ब्रह्मांड के विकास की वैज्ञानिक प्रक्रिया, प्रकृति की समझ और मानव जाति के साथ इसके आंतरिक संबंध को समझने में सक्षम हो गई है। यह वह समय है जब सच्ची और समग्र शिक्षा संभव है, जिससे मानव जाति जीवन के कई रहस्यों को समझ सके। समग्र शिक्षा के परिणामस्वरूप, सभी का उत्पादन और सेवाएँ समाज के सभी लोगों तक पहुँचती हैं क्योंकि सभी को समाज के सभी लोगों के श्रम और तकनीकी ज्ञान का लाभ मिलता है। समग्र शिक्षा के माध्यम से, प्रत्येक व्यक्ति को खुद को यथासंभव पूरी तरह से जानना चाहिए, यानी अपने शरीर, मन, ज्ञान, चेतना, आनुवंशिक केंद्र, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली सहित जीवन के सभी अनुभवों को संग्रहीत करने और जारी करने की प्रक्रिया।जीवन के विज्ञान में शिक्षा की शुरुआत बुनियादी बातों से होनी चाहिए: मानव शरीर विज्ञान, वृद्धि और विकास, व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व, प्रजनन स्वास्थ्य, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, संरक्षण और क्षमता, बीमारी की रोकथाम, स्वस्थ खान-पान की आदतें, सरल प्राथमिक उपचार और घरेलू उपचार के साथ स्व-चिकित्सा। अगला स्तर माता-पिता, शिक्षकों, दोस्तों और साथी लोगों के साथ अपने रिश्तों के महत्व और मूल्य के बारे में सीखना होगा। नैतिकता, आचार, कर्तव्य, ईमानदारी, निष्ठा, दया और करुणा की अवधारणाएँ दी जानी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को पता होना चाहिए कि दूसरों के साथ कैसे तालमेल बिठाया जाए और समूह या परिवार के लाभ के लिए अपनी सनक और सुखों का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि संघर्ष से बचा जा सके और सद्भाव में रहा जा सके। परम ज्ञान के रूप में, व्यक्ति सर्वोच्च सिद्धांत, एकीकृत बल, सार्वभौमिक चुंबकत्व और इसकी गुणवत्ता और शक्ति को भी जान लेगा जिसने पूरे ब्रह्मांड को जन्म दिया है और बनाए रखा है और हर प्राणी के जैव-चुंबकत्व से इसका निरंतर संबंध है। शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी और ब्रांड स्थापित संगठन होने के नाते, केन्द्रीय विद्यालय संगठन खुद को स्कूली शिक्षा में एक विश्व स्तरीय संगठन के रूप में देखता है, जो छात्रों में आंतरिक तालमेल को साकार करने और उन्हें भविष्य की सामाजिक, राष्ट्रीय, वैश्विक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए शिक्षकों को निरंतर सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्रीय विद्यालय शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण समाज के विकास के लिए छात्रों के मन में एक गहरा, सकारात्मक, उत्पादक, रचनात्मक और अभिनव प्रभाव लाकर परिवर्तन के चैंपियन तैयार करने के लिए निरंतर काम करने के लिए समर्पित हैं। केवी उडुमलपेट चेतना का एक मंदिर है, जहाँ हर छात्र समझता है कि हर समय और हर तरह से मानव होने का क्या मतलब है, एनईपी 2020 (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) के तहत केन्द्रीय विद्यालय संगठन के विभिन्न उपन्यास और प्रमुख कार्यक्रमों और एनईपी 2020 एनसीएफ-एसई 2023 (राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा- माध्यमिक शिक्षा) के ढांचे को शामिल करके। वर्तमान में, केवी उडुमलपेट की टीम परिवर्तन की प्रक्रिया में है और छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस कर रही है। केवी उडुमलपेट का मिशन, एक समर्पित टीम के साथ, जिम्मेदार और समझदार भारतीय नागरिकों को बनाने के दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ता है ताकि वे आनंदित और पूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में काम कर सकें।” ”जय हिंद!”
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- कक्षा 11 के लिए रेजिस्ट्रेशन फॉर्म। नई
- कक्षा 11वीं 2026-27- विज्ञान स्ट्रीम में प्रवेश हेतु मेरिट सूची। नई
- कक्षा- 11 एवं कक्षा- 6 हेतु प्रवेश सूचना। नई
- शिक्षा का अधिकार श्रेणी लॉटरी अनंतिम परिणाम कक्षा-1 2026-27 नई
- सीडब्लूएसएन श्रेणी लॉटरी अनंतिम परिणाम कक्षा-1 2026-27 नई
- श्रेणी 1 लॉटरी अनंतिम परिणाम कक्षा-1 2026-27 नई
- श्रेणी 2 लॉटरी अनंतिम परिणाम कक्षा-1 2026-27 नई
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शैक्षणिक योजनाकार
शैक्षिक योजना 2024-25
शैक्षिक परिणाम
सत्र 2023-24 में कक्षा 9 का शत प्रतिशत परिणाम रहा।
बाल वाटिका
बलवाटिका अभी विद्यालय में प्रारंभ नहीं हुई है।
निपुण लक्ष्य
समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
प्रैक्टिकल के माध्यम से प्रभावी शिक्षण।
अध्ययन सामग्री
अध्ययन सामग्री के लिए यहाँ देखें।
कार्यशाला एवं प्रशिक्षण
नियमित अंतराल पर विभिन्न कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं।
विद्यार्थी परिषद
विद्यार्थी परिषद छात्र सदस्यों के साथ सक्रिय हैI
अपने स्कूल को जानें
केन्द्रीय विद्यालय उडुमलपेट
अटल टिंकरिंग लैब
केवल कक्षा10 तक
डिजिटल भाषा लैब
अभी संचालित नहीं है।
आईसीटी - ई-क्लासरूम और लैब
प्रशिक्षित आई सी टी प्रशिक्षुओं के द्वारा प्रभावी शिक्षण दिया जा रहा है।
पुस्तकालय
समृद्ध पुस्तकालय संचालित है ।
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
नए विद्यालय भवन में उपलब्ध होने जा रही हैं।
भवन एवं बाला पहल
स्कूल अस्थाई भवन में ही चल रहा है।
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
अस्थायी खेल के मैदान में बच्चे प्रतिदिन खेल रहे हैं।
एसओपी/एनडीएमए
सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र आदि विद्यालय में लगाए गये हैं ।
खेल
विभिन्न खेल गतिविधियों में छात्रों की सक्रिय भागीदारी रहती है ।
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
भारत स्काउट एवं गाइड के लिए छात्र-छात्राओं का नामांकन कर दिया गया है
शिक्षा भ्रमण
विद्यासागर कॉलेज, उडुमलपेट का शिक्षा भ्रमण कार्यक्रम।
ओलम्पियाड
गणित एवं विज्ञान के ऑलम्पियाड में विद्यालय के अनेक विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहें हैं ।
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
विद्यालय में एनसीसी जल्द ही प्रारंभ होगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत विद्यालय गतिविधियां हो रही हैं।
कला एवं शिल्प
कला एवं अनेक रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट है।
मजेदार दिन
शिक्षक दिवस पर अनेक कार्यक्रम और सामूहिक भोजन
युवा संसद
युवा संसद का आयोजन जल्द ही आयोजित होगा।
पीएम श्री स्कूल
यह विद्यालय पीएम श्री के तहत नहीं आता है।
कौशल शिक्षा
कौशल मॉड्यूल और कौशल विषय।
मार्गदर्शन एवं परामर्श
विद्यालय में मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र में विद्यार्थी प्रतिभाग ले रहे हैं।
सामाजिक सहभागिता
सामाजिक सहभागिता विद्यार्थियों के द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।
विद्यांजलि
विद्यालय हेतु सहयोग के लिए विद्यांजलि पोर्टल पर आपका स्वागत है
प्रकाशन
विद्यालय ई न्यूज लेटर और पत्रिका प्रकाशन की तैयारी में है। शीघ्र ही उपलब्ध होगी।
समाचार पत्र
विद्यालय शीघ्र ही ई- समाचार पत्र प्रकाशित करेगा।
विद्यालय पत्रिका
हमारी पत्रिका प्रकाशन के लिए लगभग तैयार है।
देखें क्या हो रहा है ?
छात्रों के बारे में समाचार और कहानियाँ, और पूरे स्कूल में नवाचार
03/09/2023
केन्द्रीय विद्यालय के दो शिक्षकों को "राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025" के लिए चुना गया
13/07/2025
टेक्नोथलॉन परीक्षा 13.07.2025 को आयोजित की गई थी
16/04/2025 - 30/04/2025
हमारे केन्द्रीय विद्यालय में 16-15 अप्रैल 2025 तक जल पखवाड़ा मनाया जा रहा है
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
कक्षा आठवीं के छात्रों द्वारा निर्मित स्मार्ट अपशिष्ट पृथक्करण का मॉडल
03/12/2025
कक्षा आठवीं के छात्रों द्वारा निर्मित स्मार्ट अपशिष्ट पृथक्करण प्रणाली का मॉडल।
श्रेष्ठ विद्यालय टॉपर्स
विद्यालय वार्षिक परीक्षा नवीं कक्षा और दसवीं कक्षा